
लाडली बहिन योजना: महाराष्ट्र की महिलाओं की नई ताकत. Ladki Bahin Yojana
महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना आज राज्य की सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा चर्चित सरकारी योजना बन चुकी है। जून 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत 21 से 65 साल तक की हर पात्र महिला को हर महीने 1500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में डाले जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मान और स्वावलंबन देने का माध्यम है। महंगाई के इस दौर में जहाँ हर घर का बजट तंग हो रहा है, वहाँ ये 1500 रुपये कई परिवारों के लिए ऑक्सीजन की तरह काम कर रहे हैं।Ladki Bahin Yojana
योजना की पात्रता बहुत स्पष्ट रखी गई है। महिला महाराष्ट्र की मूल निवासी होनी चाहिए, उसकी उम्र 21 से 65 साल के बीच हो, परिवार की सालाना आय ढाई लाख रुपये से कम हो, परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में न हो और न ही परिवार के पास चार पहिया गाड़ी या पाँच एकड़ से ज्यादा जमीन हो। इन शर्तों को पूरा करने वाली लगभग 2.35 करोड़ महिलाओं ने अब तक फॉर्म भरे हैं और 1.9 करोड़ से ज्यादा बहनों के खाते में नियमित रूप से पैसा पहुँच रहा है।Ladki Bahin Yojana
आवेदन प्रक्रिया कितनी आसान है?Ladki Bahin Yojana
आवेदन की प्रक्रिया को जान-बूझकर बेहद आसान बनाया गया है। कोई भी महिला घर बैठे ladlibahin.maharashtra.gov.in वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड अपलोड करके फॉर्म भर सकती है। गाँवों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम सेवक, सेटू केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर वाले भाई-बहन मुफ्त में मदद कर रहे हैं।Ladki Bahin Yojana
पहले कुछ महीने तक सर्वर डाउन और e-KYC की समस्या रही, लेकिन अब सिस्टम एकदम चिकना चल रहा है। आज ग्रामीण इलाकों में भी महिलाएँ खुद मोबाइल से फॉर्म भर रही हैं और 10-15 दिन के अंदर खाते में पैसा आ जाता है।Ladki Bahin Yojana

जमीनी हकीकत: बहनों की जुबान से. Ladki Bahin Yojana
जमीनी स्तर पर जाइए तो हर गाँव की हर चौपाल और शहर की हर बस्ती में लाडली बहिन की ही चर्चा है। एक आदिवासी बहन ने बताया कि पहली बार उसके खाते में खुद के नाम का इतना पैसा आया है। एक घरेलू काम करने वाली महिला ने हँसते हुए कहा कि अब गैस सिलेंडर भरवाने के लिए पति से झिझकना नहीं पड़ता।Ladki Bahin Yojana
एक विधवा माँ ने बताया कि बच्चों की स्कूल फीस और दवाइयाँ अब वो खुद दे पाती है। ज्यादातर महिलाएँ यह पैसा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, राशन, दवा और अपनी छोटी-मोटी जरूरतों पर खर्च कर रही हैं। कई समझदार बहनें तो इसे बचत खाते में भी डाल रही हैं। Ladki Bahin Yojana
राजनीति का सबसे बड़ा हथियार. Ladki Bahin Yojana
राजनीतिक रूप से देखें तो यह योजना 2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन का सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। विपक्ष इसे वोट खरीदने की योजना कहता है तो सत्ता पक्ष इसे महिलाओं का सशक्तिकरण बताता है। सच दोनों के बीच में है।Ladki Bahin Yojana
हाँ, यह चुनावी योजना है, लेकिन इसका फायदा भी वास्तविक और तत्काल है। आज बंगाल की लक्ष्मी भंडार, मध्य प्रदेश की लाडली बहना, कर्नाटक की गृह लक्ष्मी, तमिलनाडु की कलाईग्नार मगलिर उरिमै थोगई – हर राज्य में ऐसी ही योजनाएँ चल रही हैं। यह एक नया ट्रेंड है जिसमें महिला वोटरों को सीधे फायदा पहुँचाकर राजनीतिक समीकरण बदले जा रहे हैं।Ladki Bahin Yojana
कमियाँ और चुनौतियाँ. Ladki Bahin Yojana
कुछ कमियाँ भी हैं। लाखों पात्र महिलाएँ अभी भी बाहर हैं क्योंकि उनका आधार-बैंक लिंक नहीं है या दस्तावेज पूरे नहीं हैं। कुछ जगह फर्जी आवेदन के मामले भी पकड़े गए हैं। ढाई लाख की आय सीमा को शहरी मध्यम वर्ग कम बता रहा है।
सबसे बड़ी चिंता राज्य के खजाने पर बोझ है – हर साल लगभग 46,000 करोड़ रुपये का खर्च। विपक्ष का कहना है कि इतना पैसा स्कूल, अस्पताल, पानी और सड़क में लगाते तो स्थायी विकास होता। सरकार का तर्क है कि महिला के हाथ में पैसा आया तो वह खुद अपने बच्चों की सेहत और पढ़ाई पर खर्च करेगी, यानी अप्रत्यक्ष रूप से वही काम हो रहा है। Ladki Bahin Yojana
भविष्य में क्या होने वाला है? Ladki Bahin Yojana
अब सरकार योजना को और विस्तार देने की तैयारी में है। उम्र सीमा 70 साल तक करने, राशि 2000-2500 रुपये करने और इसके साथ स्किल ट्रेनिंग, स्वरोजगार लोन और मुफ्त स्वास्थ्य बीमा जोड़ने की बात चल रही है। अगर ये सब हो गया तो लाडली बहिन सिर्फ नकद मदद नहीं, बल्कि महिलाओं की पूरी जिंदगी बदलने वाली योजना बन जाएगी। Ladki Bahin Yojana
आखिरी बात: यह सिर्फ पैसा नहीं, सम्मान है. Ladki Bahin Yojana
आखिर में एक बात साफ है – लाडली बहिन योजना ने महाराष्ट्र की महिलाओं के दिल में जगह बना ली है। यह पैसा चाहे 1500 रुपये ही क्यों न हो, लेकिन इसके साथ जो आत्मसम्मान और स्वतंत्रता आई है, वह अनमोल है। जब कोई महिला बाजार जाती है और अपनी मर्जी से सामान खरीदती है, जब वो बच्चों को बिना किसी से पूछे नई ड्रेस दिलाती है, तो उसकी आँखों में जो चमक आती है – वही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। यही वजह है कि आज महाराष्ट्र की हर बहन गर्व से कहती है – “मेरा खाता, मेरा अधिकार, मेरा सम्मान – लाडली बहिन योजना!”Ladki Bahin Yojana