
भारत में करोड़ों लोग छोटे-मोटे कामों से जीवन चलाते हैं। दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, छोटे दुकानदार – इनमें से अधिकांश के पास रिटायरमेंट के बाद कोई आय का साधन नहीं होता। उम्र ढलने के साथ कमाई घटती है और खर्च बढ़ता जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने मई 2015 में अटल पेंशन योजना शुरू की। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनी यह योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों को साठ साल के बाद गारंटी वाली मासिक पेंशन देने का वादा करती है। ताकि कोई भी व्यक्ति बुढ़ापे में आर्थिक तंगी का शिकार न हो और सम्मान के साथ जी सके।(APY)
योजना में कैसे जुड़ें और कितना देना पड़ेगा?(APY)
इसमें शामिल होने के लिए उम्र अठारह से चालीस साल के बीच होनी चाहिए और एक सामान्य बचत खाता होना चाहिए। जुड़ते समय आप तय करते हैं कि साठ साल बाद आपको हर महीने एक हजार, दो हजार, तीन हजार, चार हजार या पाँच हजार रुपए पेंशन चाहिए। इसके बाद हर महीने या तिमाही-छमाही एक निश्चित राशि जमा करनी होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि जमा राशि आपकी उम्र पर निर्भर करती है। अठारह साल की उम्र में पाँच हजार की पेंशन के लिए सिर्फ 210 रुपए महीना काफी हैं, वहीं चालीस साल की उम्र में वही पेंशन के लिए करीब दो हजार रुपए महीना देना पड़ता है। जितनी जल्दी जुड़ेंगे, उतना (APY)
परिवार को भी मिलती है पूरी सुरक्षा (APY)

अटल पेंशन योजना सिर्फ व्यक्ति के लिए नहीं, पूरे परिवार के लिए सुरक्षा कवच है। अगर ग्राहक की साठ साल से पहले मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी या पति को पूरी चुनी हुई पेंशन आजीवन मिलती रहती है। पति-पत्नी दोनों के न रहने पर नॉमिनी को जमा की गई पूरी राशि और उस पर मिला ब्याज एकमुश्त वापस दे दिया जाता है। यानी आपका पैसा कभी व्यर्थ नहीं जाता। सरकार ने लिखित गारंटी दी है कि चुनी हुई पेंशन आपको या आपके परिवार को जरूर मिलेगी। मार्केट के जोखिम से पूरी तरह (APY)
टैक्स बचत और सरकार की गारंटी का दोहरा लाभ (APY)
इस योजना में निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपए तक की छूट मिलती है। यानी आप भविष्य की बचत भी कर रहे हैं और अभी टैक्स भी बचा रहे हैं। पहले तीन साल तक सरकार कम आय वालों को हर साल एक हजार रुपए या आधा प्रीमियम अतिरिक्त देती थी, वह सुविधा अब बंद है, लेकिन योजना की विश्वसनीयता आज भी वही है। इसमें कोई मेडिकल टेस्ट नहीं, कोई जटिल कागजात नहीं। बैंक, पोस्ट ऑफिस, नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप से मिनटों में खाता खुल जाता है। साठ साल बाद पेंशन शुरू होते ही हर (APY)
अगर आप अभी बीस-पच्चीस साल के हैं तो यही सही समय है। सौ-दो सौ रुपए महीना बचाकर आप अपने बुढ़ापे को सुरक्षित कर सकते हैं। यह छोटी सी आदत कल को बड़ी छाँव देगी। अटल पेंशन योजना कोई लग्जरी नहीं, बल्कि हर भारतीय की जरूरत है। आज एक कदम उठाइए, ताकि कल को सिर ऊँचा करके जी सकें। (APY)
अटल पेंशन योजना में शामिल होना बहुत आसान है। इसके लिए आपकी उम्र अठारह से चालीस साल के बीच होनी चाहिए और आपके पास कोई भी बचत बैंक खाता या पोस्ट ऑफिस बचत खाता होना चाहिए। योजना में जुड़ते समय आपको यह तय करना होता है कि आपको साठ साल बाद हर महीने कितनी पेंशन चाहिए। पाँच विकल्प हैं – एक हजार, दो हजार, तीन हजार, चार हजार या पाँच हजार रुपए महीना। आप जितनी पेंशन चुनते हैं, उसी के हिसाब से हर महीने, हर तिमाही या हर छमाही एक निश्चित राशि जमा करनी पड़ती है।