PMVB RY प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: 3.5 करोड़ नई नौकरियां + ₹30,000 तक का सीधा बोनस – युवाओं का सपना सच होने वाला है! PMVB RY FREE

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PMVB RY प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना भारत के इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे महत्वाकांक्षी रोजगार योजनाओं में से एक है जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से अपने बारहवें स्वतंत्रता दिवस भाषण में की थी। इस योजना के लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का अभूतपूर्व बजट रखा है और इसका लक्ष्य अगले दो सालों में 3.5 करोड़ से अधिक नई औपचारिक नौकरियां पैदा करना है ताकि वर्ष 2047 तक भारत पूरी तरह विकसित राष्ट्र बन सके। यह योजना केवल नौकरियां देने तक सीमित नहीं PMVB RY

लेकिन अधिकांश को असंगठित क्षेत्र की नौकरियां ही मिल पाती हैं जहां न तो पेंशन होती है न ही कोई सामाजिक सुरक्षा। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना इसी कमी को दूर करने के लिए लाई गई है। यह नियोक्ताओं को अधिक लोगों को रखने के लिए आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करती है और कर्मचारियों को पहली बार औपचारिक नौकरी जॉइन करने पर सीधा नकद लाभ देती है। योजना 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हो चुकी है और इसका पोर्टल pmvbry.epfindia.gov.in कुछ ही हफ्तों में शुरू हो PMVB RY

योजना को दो हिस्सों में बांटा गया है जिन्हें भाग-क और भाग-ख कहा जा रहा है। भाग-क पूरी तरह पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं के लिए है। अगर कोई व्यक्ति पहली बार ईपीएफओ में रजिस्टर्ड हो रहा है या तीन साल से अधिक समय से औपचारिक नौकरी से बाहर था और अब 1 अगस्त 2025 के बाद नई नौकरी जॉइन कर रहा है तथा उसकी मासिक सैलरी एक लाख रुपये से कम है तो उसे सरकार सीधे उसके ईपीएफ खाते में 15,000 रुपये तक की राशि दो किस्तों में देगी। पहली किस्त 7,500 PMVB RY

दूसरा हिस्सा यानी भाग-ख नियोक्ताओं के लिए है। इसमें सरकार हर अतिरिक्त कर्मचारी जिसे 1 अगस्त 2025 के बाद नियुक्त किया गया हो उसके ईपीएफ खाते में कर्मचारी का हिस्सा बारह प्रतिशत और नियोक्ता का हिस्सा भी बारह प्रतिशत यानी कुल चौबीस प्रतिशत अंशदान दो साल तक देगी। प्रति कर्मचारी अधिकतम तीन हजार रुपये प्रतिमाह तक की सब्सिडी मिलेगी जिससे दो साल में एक कर्मचारी पर नियोक्ता को 72,000 रुपये तक की बचत होगी। इससे विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और छोटे-मध्यम उद्यमों को बहुत फायदा हो रहा है क्योंकि अब वे बिना अतिरिक्त बोझ के अधिक लोगों को रख सकते हैं।PMVB RY

इस योजना से सबसे अधिक लाभ 21 से 35 साल के उन युवाओं को मिल रहा है जो पहली बार नौकरी की तलाश में हैं। असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र में आने वाले श्रमिकों को भी इसका सीधा फायदा है। करियर ब्रेक के बाद नौकरी पर लौट रही महिलाएं भी तीन साल से अधिक का गैप होने पर भाग-क के तहत पात्र हैं। नवंबर 2025 तक चार लाख से अधिक नियोक्ता पंजीकृत हो चुके हैं और अठारह लाख से अधिक पहली बार नौकरी करने वालों को पहली किस्त मिल चुकी है। अनुमान है कि भाग-क से लगभग 1.92 करोड़ और भाग-ख से 2.59 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी यानी कुल PMVB RY

योजना का लाभ लेना बहुत आसान है। कर्मचारी को बस इतना करना है कि नियोक्ता उसे ईपीएफ के माध्यम से सैलरी दे और वह स्वयं या नियोक्ता द्वारा पोर्टल पर पंजीकृत हो जाए। बारह महीने बाद पहली किस्त अपने आप खाते में आ जाती है। नियोक्ताओं के लिए भी प्रक्रिया सरल है। उन्हें pmvbry.labour.gov.in पर अपने प्रतिष्ठान का पंजीकरण करना होता है और हर महीने ईसीआर अपलोड करना होता है। इसके बाद सब्सिडी अपने आप उनके खाते में जमा हो जाती है। कोई अतिरिक्त कागजी कार्यवाही नहीं है।PMVB RY

पहले आई प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना में केवल नियोक्ताओं को सब्सिडी मिलती थी लेकिन कर्मचारियों को सीधा लाभ नहीं था। अब पहली बार कर्मचारियों को भी 15 से 30 हजार रुपये तक का प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है जिससे युवा खुद औपचारिक नौकरी की मांग करने लगे हैं। यह एक व्यवहारिक बदलाव है जो लंबे समय तक असर दिखाएगा। फिर भी कुछ चुनौतियां हैं। छोटे शहरों और गांवों में अभी जागरूकता कम है। कई एमएसएमई को ईपीएफ नियमों की जानकारी नहीं है इसलिए उन्हें प्रशिक्षण और सहायता की जरूरत है। PMVB RY

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल नौकरियां पैदा करने की योजना नहीं है बल्कि यह भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत नींव है। यह युवाओं के सपनों को पंख दे रही है, नियोक्ताओं का बोझ कम कर रही है और देश की अर्थव्यवस्था को औपचारिक और मजबूत बना रही है। आने वाले वर्षों में यह योजना भारत के युवाओं की जिंदगी बदलने वाली साबित होगी।PMVB RY

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